भारतीय दंड संहिता,

आईपीसी धारा भारतीय दण्ड संहिता IPC धारा Indian Penal Code

आईपीसी धारा ,हमारे संविधान के अंतर्गत कई धाराएं आती है जिन्हें हम आईपीसी की धारा कहते है. हर अपराधी जो भी अपराध करता है उसके ऊपर आईपीसी धारा के अंतर्गत केस दर्ज होता है तथा उसको उसी हिसाब से सजा दी जाती है. नीचे कुछ आईपीसी की धाराएं दी गयी है-

  • आईपीसी धारा 356 – हमला या आपराधिक बल प्रयोग द्वारा किसी व्यक्ति द्वारा ले जाई जाने वाली संपत्ति की चोरी का प्रयास.
  • आईपीसी धारा 357 – किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध करने के प्रयत्नों में हमला या आपराधिक बल का प्रयोग.
  • आईपीसी धारा 358 – गम्भीर प्रकोपन मिलने पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग.
  • आईपीसी धारा 359 – व्यपहरण.
  • आईपीसी धारा 360 – भारत में से व्यपहरण.
  • आईपीसी धारा 361 – विधिपूर्ण संरक्षकता में से व्यपहरण.
  • आईपीसी धारा 362 – अपहरण.
  • आईपीसी धारा 363 – व्यपहरण के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 363क – भीख मांगने के प्रयोजनों के लिए अप्राप्तवय का व्यपहरण का विकलांगीकरण.
  • आईपीसी धारा 364 – हत्या करने के लिए व्यपहरण या अपहरण करना.
  • आईपीसी धारा 364क – फिरौती, आदि के लिए व्यपहरण.
  • आईपीसी धारा 365 – किसी व्यक्ति का गुप्त और अनुचित रूप से सीमित / क़ैद करने के आशय से व्यपहरण या अपहरण.
  • आईपीसी धारा 366 – विवाह आदि के करने को विवश करने के लिए किसी स्त्री को व्यपहृत करना, अपहृत करना या उत्प्रेरित करना.
  • आईपीसी धारा 366क – अप्राप्तवय लड़की का उपापन.
  • आईपीसी धारा 366ख – विदेश से लड़की का आयात करना.
  • आईपीसी धारा 367 – व्यक्ति को घोर उपहति, दासत्व, आदि का विषय बनाने के उद्देश्य से व्यपहरण या अपहरण.
  • आईपीसी धारा 368 – व्यपहृत या अपहृत व्यक्ति को गलत तरीके से छिपाना या क़ैद करना.
  • आईपीसी धारा 369 – दस वर्ष से कम आयु के शिशु के शरीर पर से चोरी करने के आशय से उसका व्यपहरण या अपहरण.
  • आईपीसी धारा 370 – मानव तस्करी – दास के रूप में किसी व्यक्ति को खरीदना या बेचना.
  • आईपीसी धारा 371 – दासों का आभ्यासिक व्यवहार करना.
  • आईपीसी धारा 372 – वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए नाबालिग को बेचना.
  • आईपीसी धारा 373 – वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए नाबालिग को खरीदना.
  • आईपीसी धारा 374 – विधिविरुद्ध बलपूर्वक श्रम.
  • आईपीसी धारा 375 – बलात्संग.
  • आईपीसी धारा 376 – बलात्कार के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 376क – पॄथक् कर दिए जाने के दौरान किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ संभोग्र.
  • आईपीसी धारा 376ख – लोक सेवक द्वारा अपनी अभिरक्षा में की किसी स्त्री के साथ संभोग.
  • आईपीसी धारा 376ग – जेल, प्रतिप्रेषण गॄह आदि के अधीक्षक द्वारा संभोग.
  • आईपीसी धारा 376घ – अस्पताल के प्रबन्ध या कर्मचारिवॄन्द आदि के किसी सदस्य द्वारा उस अस्पताल में किसी स्त्री के साथ संभोग.
  • आईपीसी धारा 377 – प्रकॄति विरुद्ध अपराध.
  • आईपीसी धारा 378 – चोरी.
  • आईपीसी धारा 379 – चोरी के लिए दंड.
  • आईपीसी धारा 380 – निवास-गॄह आदि में चोरी.
  • आईपीसी धारा 381 – लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे में संपत्ति की चोरी.
  • आईपीसी धारा 382 – चोरी करने के लिए मॄत्यु, क्षति या अवरोध कारित करने की तैयारी के पश्चात् चोरी करना.
  • आईपीसी धारा 383 – उद्दापन / जबरन वसूली.
  • आईपीसी धारा 384 – ज़बरदस्ती वसूली करने के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 385 – ज़बरदस्ती वसूली के लिए किसी व्यक्ति को क्षति के भय में डालना.
  • आईपीसी धारा 386 – किसी व्यक्ति को मॄत्यु या गंभीर आघात के भय में डालकर ज़बरदस्ती वसूली करना.
  • आईपीसी धारा 387 – ज़बरदस्ती वसूली करने के लिए किसी व्यक्ति को मॄत्यु या घोर आघात के भय में डालना.
  • आईपीसी धारा 388 – मॄत्यु या आजीवन कारावास, आदि से दंडनीय अपराध का अभियोग लगाने की धमकी देकर उद्दापन.
  • आईपीसी धारा 389 – जबरन वसूली करने के लिए किसी व्यक्ति को अपराध का आरोप लगाने के भय में डालना.
  • आईपीसी धारा 390 – लूट.
  • आईपीसी धारा 391 – डकैती.
  • आईपीसी धारा 392 – लूट के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 393 – लूट करने का प्रयत्न.
  • आईपीसी धारा 394 – लूट करने में स्वेच्छापूर्वक किसी को चोट पहुँचाना.
  • आईपीसी धारा 395 – डकैती के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 396 – हत्या सहित डकैती.
  • आईपीसी धारा 397 – मॄत्यु या घोर आघात कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती.
  • आईपीसी धारा 398 – घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्न.
  • आईपीसी धारा 399 – डकैती करने के लिए तैयारी करना.
  • आईपीसी धारा 400 – डाकुओं की टोली का होने के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 401 – चोरों के गिरोह का होने के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 402 – डकैती करने के प्रयोजन से एकत्रित होना.
  • आईपीसी धारा 403 – सम्पत्ति का बेईमानी से गबन / दुरुपयोग.
  • आईपीसी धारा 404 – मॄत व्यक्ति की मॄत्यु के समय उसके कब्जे में सम्पत्ति का बेईमानी से गबन / दुरुपयोग.
  • आईपीसी धारा 405 – आपराधिक विश्वासघात.
  • आईपीसी धारा 406 – विश्वास का आपराधिक हनन.
  • आईपीसी धारा 407 – कार्यवाहक, आदि द्वारा आपराधिक विश्वासघात.
  • आईपीसी धारा 408 – लिपिक या सेवक द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन.
  • आईपीसी धारा 409 – लोक सेवक या बैंक कर्मचारी, व्यापारी या अभिकर्ता द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन.
  • आईपीसी धारा 410 – चुराई हुई संपत्ति.
  • आईपीसी धारा 411 – चुराई हुई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना.आईपीसी धारा 412 – ऐसी संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना जो डकैती करने में चुराई गई है.
  • आईपीसी धारा 413 – चुराई हुई संपत्ति का अभ्यासतः व्यापार करना.
  • आईपीसी धारा 414 – चुराई हुई संपत्ति छिपाने में सहायता करना.
  • आईपीसी धारा 415 – छल.
  • आईपीसी धारा 416 – प्रतिरूपण द्वारा छल.
  • आईपीसी धारा 417 – छल के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 418 – इस ज्ञान के साथ छल करना कि उस व्यक्ति को सदोष हानि हो सकती है जिसका हित संरक्षित रखने के लिए अपराधी आबद्ध है.
  • आईपीसी धारा 419 – प्रतिरूपण द्वारा छल के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 420 – छल करना और बेईमानी से बहुमूल्य वस्तु / संपत्ति देने के लिए प्रेरित करना.
  • आईपीसी धारा 421 – लेनदारों में वितरण निवारित करने के लिए संपत्ति का बेईमानी से या कपटपूर्वक अपसारण या छिपाना.
  • आईपीसी धारा 422 – त्रऐंण को लेनदारों के लिए उपलब्ध होने से बेईमानी से या कपटपूर्वक निवारित करना.
  • आईपीसी धारा 423 – अन्तरण के ऐसे विलेख का, जिसमें प्रतिफल के संबंध में मिथ्या कथन अन्तर्विष्ट है, बेईमानी से या कपटपूर्वक निष्पादन.
  • आईपीसी धारा 424 – सम्पत्ति का बेईमानी से या कपटपूर्वक अपसारण या छिपाया जाना.
  • आईपीसी धारा 425 – रिष्टि / कुचेष्टा.
  • आईपीसी धारा 426 – रिष्टि के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 427 – कुचेष्टा जिससे पचास रुपए का नुकसान होता है.
  • आईपीसी धारा 428 – दस रुपए के मूल्य के जीवजन्तु को वध करने या उसे विकलांग करने द्वारा रिष्टि.
  • आईपीसी धारा 429 – किसी मूल्य के ढोर, आदि को या पचास रुपए के मूल्य के किसी जीवजन्तु का वध करने या उसे विकलांग करने आदि द्वारा कुचेष्टा.
  • आईपीसी धारा 430 – सिंचन संकर्म को क्षति करने या जल को दोषपूर्वक मोड़ने द्वारा रिष्टि.
  • आईपीसी धारा 431 – लोक सड़क, पुल, नदी या जलसरणी को क्षति पहुंचाकर रिष्टि.
  • आईपीसी धारा 432 – लोक जल निकास में नुकसानप्रद जलप्लावन या बाधा कारित करने द्वारा रिष्टि.
  • आईपीसी धारा 433 – किसी दीपगॄह या समुद्री-चिह्न को नष्ट करके, हटाकर या कम उपयोगी बनाकर रिष्टि.
  • आईपीसी धारा 434 – लोक प्राधिकारी द्वारा लगाए गए भूमि चिह्न के नष्ट करने या हटाने आदि द्वारा रिष्टि.
  • आईपीसी धारा 435 – सौ रुपए का या (कॄषि उपज की दशा में) दस रुपए का नुकसान कारित करने के आशय से अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा कुचेष्टा.
  • आईपीसी धारा 436 – गॄह आदि को नष्ट करने के आशय से अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा कुचेष्टा.
  • आईपीसी धारा 437 – किसी तल्लायुक्त या बीस टन बोझ वाले जलयान को नष्ट करने या असुरक्षित बनाने के आशय से कुचेष्टा.
  • आईपीसी धारा 438 – धारा 437 में वर्णित अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा की गई कुचेष्टा के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 439 – चोरी, आदि करने के आशय से जलयान को साशय भूमि या किनारे पर चढ़ा देने के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 440 – मॄत्यु या उपहति कारित करने की तैयारी के पश्चात् की गई रिष्टि.
  • आईपीसी धारा 441 – आपराधिक अतिचार.
  • आईपीसी धारा 442 – गॄह-अतिचार.
  • आईपीसी धारा 443 – प्रच्छन्न गॄह-अतिचार.
  • आईपीसी धारा 444 – रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार.
  • आईपीसी धारा 445 – गॄह-भेदन.
  • आईपीसी धारा 446 – रात्रौ गॄह-भेदन.
  • आईपीसी धारा 447 – आपराधिक अतिचार के लिए दण्ड.
  • आईपीसी 448 – गॄह-अतिचार के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 449 – मॄत्यु से दंडनीय अपराध को रोकने के लिए गॄह-अतिचार.
  • आईपीसी धारा 450 – अपजीवन कारावास से दंडनीय अपराध को करने के लिए गॄह-अतिचार.
  • आईपीसी धारा 451 – कारावास से दण्डनीय अपराध को करने के लिए गॄह-अतिचार.
  • आईपीसी धारा 452 – बिना अनुमति घर में घुसना, चोट पहुंचाने के लिए हमले की तैयारी, हमला या गलत तरीके से दबाव बनाना.
  • आईपीसी धारा 453 – प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन के लिए दंड.
  • आईपीसी धारा 454 – कारावास से दण्डनीय अपराध करने के लिए छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना.
  • आईपीसी धारा 455 – उपहति, हमले या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन.
  • आईपीसी धारा 456 – रात में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 457 – कारावास से दण्डनीय अपराध करने के लिए रात में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना.
  • आईपीसी धारा 458 – क्षति, हमला या सदोष अवरोध की तैयारी के करके रात में गॄह-अतिचार.
  • आईपीसी धारा 459 – प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करते समय घोर उपहति कारित हो.
  • आईपीसी धारा 460 – रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या रात्रौ गॄह-भेदन में संयुक्ततः सम्पॄक्त समस्त व्यक्ति दंडनीय हैं, जबकि उनमें से एक द्वारा मॄत्यु या घोर उपहति कारित हो.
  • आईपीसी धारा 461 – ऐसे पात्र को, जिसमें संपत्ति है, बेईमानी से तोड़कर खोलना.
  • आईपीसी धारा 462 – उसी अपराध के लिए दंड, जब कि वह ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया है जिसे अभिरक्षा न्यस्त की गई है.
  • आईपीसी धारा 463 – कूटरचना.
  • आईपीसी धारा 464 – मिथ्या दस्तावेज रचना.
  • आईपीसी धारा 465 – कूटरचना के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 466 – न्यायालय के अभिलेख की या लोक रजिस्टर आदि की कूटरचना.
  • आईपीसी धारा 467 – मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत, इत्यादि की कूटरचना.
  • आईपीसी धारा 468 – छल के प्रयोजन से कूटरचना.
  • आईपीसी धारा 469 – ख्याति को अपहानि पहुंचाने के आशय से कूटरचन्न.
  • आईपीसी धारा 470 – कूटरचित 2[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेखट.
  • आईपीसी धारा 471 – कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख का असली के रूप में उपयोग में लाना.
  • आईपीसी धारा 472 – धारा 467 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना.
  • आईपीसी धारा 473 – अन्यथा दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना.
  • आईपीसी धारा 474 – धारा 466 या 467 में वर्णित दस्तावेज को, उसे कूटरचित जानते हुए और उसे असली के रूप में उपयोग में लाने का आशय रखते हुए, कब्जे में रखना.
  • आईपीसी धारा 475 – धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना.
  • आईपीसी धारा 476 – धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों से भिन्न दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना.
  • आईपीसी धारा 477 – विल, दत्तकग्रहण प्राधिकार-पत्र या मूल्यवान प्रतिभूति को कपटपूर्वक रदद््, नष्ट, आदि करना.
  • आईपीसी धारा 477क – लेखा का मिथ्याकरण.
  • आईपीसी धारा 478 – व्यापार चिह्न.
  • आईपीसी धारा 479 – सम्पत्ति-चिह्न.
  • आईपीसी धारा 480 – मिथ्या व्यापार चिह्न का प्रयोग किया जाना.
  • आईपीसी धारा 481 – मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग में लाना.
  • आईपीसी धारा 482 – मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग करने के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 483 – अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाए गए सम्पत्ति चिह्न का कूटकरण.
  • आईपीसी धारा 484 – लोक सेवक द्वारा उपयोग में लाए गए चिह्न का कूटकरण.
  • आईपीसी धारा 485 – सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के लिए कोई उपकरण बनाना या उस पर कब्जा.
  • आईपीसी धारा 486 – कूटकॄत सम्पत्ति-चिह्न से चिन्हित माल का विक्रय.
  • आईपीसी धारा 487 – किसी ऐसे पात्र के ऊपर मिथ्या चिह्न बनाना जिसमें माल रखा है.
  • आईपीसी धारा 488 – किसी ऐसे मिथ्या चिह्न को उपयोग में लाने के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 489 – क्षति कारित करने के आशय से सम्पत्ति-चिह्न को बिगाड़ना.
  • आईपीसी धारा 489क – करेन्सी नोटों या बैंक नोटों का कूटकरण.
  • आईपीसी धारा 489ख – कूटरचित या कूटकॄत करेंसी नोटों या बैंक नोटों को असली के रूप में उपयोग में लाना.
  • आईपीसी धारा 489ग – कूटरचित या कूटकॄत करेन्सी नोटों या बैंक नोटों को कब्जे में रखना.
  • आईपीसी धारा 489घ – करेन्सी नोटों या बैंक नोटों की कूटरचना या कूटकरण के लिए उपकरण या सामग्री बनाना या कब्जे में रखना.
    आईपीसी धारा 489ङ – करेन्सी नोटों या बैंक नोटों से सदृश्य रखने वाली दस्तावेजों की रचना या उपयोग.
  • आईपीसी धारा 490 – समुद्र यात्रा या यात्रा के दौरान सेवा भंग.
  • आईपीसी धारा 491 – असहाय व्यक्ति की परिचर्या करने की और से आवश्यकताओं की पूर्ति करने की संविदा का भंग.
  • आईपीसी धारा 492 – दूर वाले स्थान पर सेवा करने का संविदा भंग जहां सेवक को मालिक के खर्चे पर ले जाया जाता है.
  • आईपीसी धारा 493 – विधिपूर्ण विवाह का धोखे से विश्वास उत्प्रेरित करने वाले पुरुष द्वारा कारित सहवास.
  • आईपीसी धारा 494 – पति या पत्नी के जीवनकाल में पुनः विवाह करना.
  • आईपीसी धारा 495 – वही अपराध पूर्ववर्ती विवाह को उस व्यक्ति से छिपाकर जिसके साथ आगामी विवाह किया जाता है.
  • आईपीसी धारा 496 – विधिपूर्ण विवाह के बिना कपटपूर्वक विवाह कर्म पूरा करना.
  • आईपीसी धारा 497 – व्यभिचार.
  • आईपीसी धारा 498 – विवाहित स्त्री को आपराधिक आशय से फुसलाकर ले जाना, या निरुद्ध रखना.
  • आईपीसी धारा 498A – किसी स्त्री के पति या पति के नातेदार द्वारा उसके प्रति क्रूरता करना.
  • आईपीसी धारा 499 – मानहानि.
  • आईपीसी धारा 500 – मानहानि के लिए दण्ड.
  • आईपीसी धारा 501 – मानहानिकारक जानी हुई बात को मुद्रित या उत्कीर्ण करना.
  • आईपीसी धारा 502 – मानहानिकारक विषय रखने वाले मुद्रित या उत्कीर्ण सामग्री का बेचना
  • आईपीसी धारा 503 – आपराधिक अभित्रास.
  • आईपीसी धारा 504 – शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना.
  • आईपीसी धारा 505 – लोक रिष्टिकारक वक्तव्य.
  • आईपीसी धारा 506 – धमकाना.
  • आईपीसी धारा 507 – अनाम संसूचना द्वारा आपराधिक अभित्रास.
  • आईपीसी धारा 508 – व्यक्ति को यह विश्वास करने के लिए उत्प्रेरित करके कि वह दैवी अप्रसाद का भाजन होगा कराया गया कार्य.
  • आईपीसी धारा 509 – शब्द, अंगविक्षेप या कार्य जो किसी स्त्री की लज्जा का अनादर करने के लिए आशयित है.
  • आईपीसी धारा 510 – शराबी व्यक्ति द्वारा लोक स्थान में दुराचार.
  • आईपीसी धारा 511 – आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दण्डनीय अपराधों को करने का प्रयत्न करने के लिए दण्ड.

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