जनसंख्या नियंत्रण कानून क्या है? तथा इसके फायदे तथा नुकसान क्या- क्या है? || Jansankhya niyantran kanoon kya hai? iske fayde aur nuksan

जनसंख्या नियंत्रण कानून क्या है? तथा इसके फायदे तथा नुकसान क्या है?

आज हमारे देश भारत की जनसँख्या लगभग 1 अरब 35 करोड़ है जो की भविष्य के लिए काफी दुखद है.जनसँख्या नियंत्रण पर काफी दिनों से बात चल रही थी,लेकिन कोरोना जैसे भयानक महामारी की वजह से बात आगे बढ़ नहीं पाई.

लेकिन 11 जुलाई 2021को विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई जनसंख्या नियंत्रण नीति घोषित करने वाली है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ 18 जुलाई रविवार को सुबह 11.30 बजे उत्तर प्रदेश जन संख्या नीति का विमोचन करेंगे.

यूपी विधि आयोग ने जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट तैयार किया है. यूपी विधि आयोग ने जनता से जनसंख्या के संबंध में 18 जुलाई तक सुझाव मांगे हैं. बिल की कॉपी वेबसाइट पर अपलोड की गई  है. इसमें क्या-क्या प्रावधान हैं मैं आपको इस पोस्ट माध्यम से समझाता हूँ-

2 से अधिक बच्चे पैदा करने पर क्या नुक्सान हो सकता है?

  1. अगर आपके पास 2 से अधिक बच्चे होंगे तो , आपको किसी भी सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिलेगा सरकारी नौकरियों में मौका नहीं मिलेगा.
  2. स्थानीय निकाय, पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे और राशन कार्ड में चार से अधिक सदस्य नहीं होंगे.
  3. इस ड्राफ्ट में कहा गया है कि दो से अधिक बच्चे वाले व्यक्ति का राशन कार्ड चार सदस्यों तक सीमित होगा और वह किसी भी प्रकार की सरकारी सब्सिडी प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होगा.
  4. दो से अधिक बच्चे वाले व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा. वह व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पाएगा और न ही किसी स्थानीय निकाय का चुनाव लड़ सकेगा.
  5. शपथपत्र देने के बाद अगर वह तीसरा बच्चा पैदा करते हैं तो ड्राफ्ट में सरकारी कर्मचारियों का प्रमोशन रोकने और बर्खास्त करने तक की सिफारिश की गई है. हालांकि तीसरे बच्चे को गोद लेने पर रोक नहीं है.
  6. कानून लागू होने के सालभर के भीतर सभी सरकारी कर्मचारियों और स्थानीय निकाय चुनाव में चुन हए जनप्रतिनिधियों को एक शपथपत्र देना होगा कि वो नियम का उल्लंघन नहीं करेंगे.
  7. ऐसे सरकारी कर्मचारियों को दो एक्स्ट्रा सैलेरी इंक्रीमेंट, प्रमोशन 12 महीने का मातृत्व या पितृत्व अवकाश, जीवनसाथी को बीमा कवरेज, सरकारी आवासीय योजनाओं में छूट, पीएफ में एंप्लायर कॉन्ट्रिब्यूशन बढ़ाने जैसी कई सुविधाएं मिलेगी.
  8. जिनके पास सरकारी नौकरी नहीं है, ड्राफ्ट में उन्हें पानी, बिजली, होम टैक्स, होम लोन जैसी कई सुविधाएं देने का प्रस्ताव है.
  9. दो बच्चों की पॉलिसी का पालन करने वाले और स्वैच्छिक नसबंदी करवाने वाले अभिभावकों को सरकार खास सुविधाएं देगी.

जनसँख्या नियंत्रण कानून पास होने के कितने दिनों बाद लागु होगा?

यूपी विधि आयोग के चेयरमैन आदित्यनाथ मित्तल ने कुछ अहम जानकारी इस मामले में साझा किया है. इस अहम जानकारी के अनुसार बिल के पास होने के 1 साल बाद कानून लागू होगा. कानून से प्रोत्साहन ज्यादा, हतोत्साहन नहीं होगा. सभी जाति-धर्म को देखते हुए इस पर काम होगा. इसमें किसी एक जाति को टारगेट नहीं किया जाएगा. नसबंदी स्वैच्छिक, जबरदस्ती नहीं की जाएगी. दो बच्चे वालों को ही सरकारी नौकरी का प्रस्ताव होगा. गरीबी रेखा से नीचे वालों को 1 बच्चे का प्रोत्साहन होगा. नियम का पालन नहीं, तो सरकारी लाभ नहीं मिलेगा.  स्वत संज्ञान लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया. अगस्त के दूसरे हफ्ते में ड्राफ्ट सरकार के हवाले कर दिया जाएगा.

अगर होगा बच्चा एक तो मिलेंगे फायदे अनेक

  • सभी ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वालों को इस कानून से अनेक फायदे मिल पाएंगे जैसे-
    1 बच्चे के बाद नसबंदी कराने पर स्वास्थ्य सुविधा होगी.
  • एकल बच्चा लड़का है तो 80 हजार रुपये की मदद मिलेगी.
  • एकल बच्चा लड़की है तो 1 लाख रुपए दिए जाएंगे.
    बच्चे के 20 साल का होने जाने तक बीमा कवरेज होगा.
  • उच्च शिक्षा संस्थान में दाखिले पर बच्चे को फायदा मिलेगा.
  • सरकारी नौकरियों में एकल बच्चे को प्राथमिकता मिलेगी और एक बच्चा लड़की हो, तो ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी.

इसके तहत सरकार परिवार नियोजन से जुड़े तमाम कार्यक्रम शुरू करेगी. साथ ही मातृ और शिशु मृत्युदर को कम करने के लिए कई उपाय किए जाएंगे. प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण पर रोक लक्ष्य हासिल करने के लिए योगी आदित्यनाथ ने सभी तबकों से साथ आने की अपील की है.

यूपी की आबादी और योगी का प्लान!

  1. भारत का सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश है जिसकी जनसंख्या 23 करोड़ है.
  2. यूपी में जन्म दर राष्ट्रीय औसत से अभी 2.2% अधिक है. आखिरी बार जनसंख्या नीति साल 2000 में आई थी. जन्म दर 2.7% है, 2026 तक 2.1% लाने का लक्ष्य है.
  3. सीएम योगी बोले- बढ़ती आबादी विकास में बाधक है.
  4. बढ़ती आबादी को रोकने के लिए जिस नीति के नाम पर ही उत्तर प्रदेश में सियासत गर्म हो गई थी, वो जनसंख्या नीति अब जमीन पर उतर आई है.
  5. इस नीति के तहत जनसंख्या नियंत्रण का फॉर्मूला तैयार किया गया है, ताकि आबादी की बढ़ती रफ्तार पर लगाम लगाई जा सके.
  6. इस नीति का लक्ष्य जनसंख्या स्थिरीकरण को पाना है, यानि प्रदेश में जनसंख्या वृद्धि की दर को बढ़ने से रोकना के प्रयास किए जाएंगे.
  7. जिसके लिए प्रस्तावित नीति के माध्यम से परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत जारी गर्भ निरोधक उपायों की सुलभता को बढ़ाया जाना और सुरक्षित गर्भपात की समुचित व्यवस्था देने की कोशिश की जायेगी.

जनसंख्या नीति से विपक्ष में मची खलबली?

जनसंख्या नियंत्रण कानून बिल पास होने को लेकर कई नेताओं को गले में पानी नहीं जा रहा है. कांग्रेस के नेता व पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि- भाजपा सरकार के मंत्री,सांसद, विधायक पहले अपनी संतानों के बारे में सभी को बताएं. यहाँ तक की इन्होंने वैध-अवैध संतानों तक की जानकारी मांग डाली. यूपी में जिसके भी 2 ही बच्चे है,उसी के दिन अच्छे हैं, लेकिन एक बार फिर इस मुद्दे पर राजनीति हो रही है.

कांग्रेस कह रही है कि इसमें एक धर्म को टारगेट क्यों किया जा रहा है? कांग्रेस ने कहा कि ये बिल धार्मिक बंटवारे की साजिश है. हांलाकि ड्राफ्ट पूरे यूपी के लिये है, इसमें हिंदू-मुसलमान किसी का नाम नहीं लिया गया है. दूसरी पार्टी है समाजवादी पार्टी, जो कह रही है कि ये जनसंख्या बिल चुनावी स्टंट है. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भरोसा जताया है कि सभी लोग इस जनसंख्या नीति का हिस्सा बनेंगे.

जनसंख्या पर देश में  ‘योगी मॉडल’ पर मोहसिन रजा का बयान क्या है?

योगी सरकार की नई जनसंख्या नीति को लेकर राज्य सरकार के मंत्री मोहसिन रज़ा ने बातचीत में कहा कि जनसंख्या पॉलिसी बहुत जरूरी है. भारतीय जनता पार्टी मुसलमानों को टोपी से टाई की तरफ ले जाना चाहती है. हम जन संख्या नियंत्रण कानून भी लाएंगे. विपक्ष नहीं चाहता कि जनसंख्या नियंत्रण कानून बने.

जनसंख्या नियंत्रण कानून होने पर देश के फायदे क्या हैं?

देश की बढ़ती आबादी हर मुसीबत की जड़ है. हमारे देश में कई युवा वेरोजगार है, हमारी आबादी बेहिसाब ना बढ़े, तो किसी चीज की कमी ना हो. ना बिजली की, ना पानी की कमी हो, न डॉक्टरों की और ना टीचर्स की कमी हो. लेकिन जब सभी ये मानते हैं तो फिर जनसंख्या नियंत्रण कानून के नाम पर इतना झगड़ा क्यों?
जब हमारे देश में जनसंख्या नियंत्रित हो जायेगा तो युवाओ को रोजगार के काफी अवसर मिलेंगे.यूपी के लॉ कमीशन ने जनसंख्या नियंत्रण पर कानून का ड्राफ्ट तैयार कर दिया है. पब्लिक के बीच भी रख दिया है.

क्या है यूपी का जनसंख्या नियंत्रण कानून, क्या भाजपा के आधे से अधिक विधायकों के हैं दो से अधिक बच्चे?

उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण कानून के ड्राफ्ट को योगी सरकार द्वारा तैयार किया गया है. जिस कानून के द्वारा जनसँख्या को काफी हद तक कण्ट्रोल किया जायेगा. इस कानून के अनुसार सभी को केवल दो संतान पैदा करने का ही अधिकार है.

उत्तर प्रदेश में खुद भारतीय जनता पार्टी के आधे से अधिक विधायकों के 2 से अधिक बच्चे हैं. ऐसे में अगर कानून यूपी में लागू किया जाता है, तो क्या विधायक राज्य में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिए जाएंगे?

यूपी विधानसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कहा जा रहा है कि भाजपा के 304 में से 152 विधायकों के 2 से ज्यादा बच्चे हैं. बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ विधायकों के 4-5 और 6 बच्चे भी हैं. सिर्फ 103 ऐसे विधायक हैं जिनके 2 बच्चे हैं और मात्र 34 विधायकों के इकलौती संतान है.

रविकिशन के जनसँख्या नियंत्रण पर बिल पास करने को लेकर हो रहा है उनका आलोचना?

समाजवादी पार्टी ,कांग्रेश पार्टी तथा अन्य पार्टियाँ इस कानून का विरोध कर रहे हैं, गोरखपुर से भाजपा सांसद व फिल्म अभिनेता रविकिशन ने संसद में जनसंख्या नियंत्रण पर प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है. इसी को लेकर यह कहा जा रहा है कि रविकिशन के खुद 4 बच्चे है. इनमें 2 बेटे और 2 बेटियां हैं.
और वो खुद जनसंख्या नियंत्रण की बात कर रहे हैं.
Standup कॉमेडियन रहमान खान ने अपने यूट्यूब चैनल व् ट्विटर के द्वारा भी रविकिशन का अपने कॉमेडी अंदाज़ में आलोचना किया है.

जनसंख्या नियंत्रण विधेयक 2019 क्या है?

यूपी में जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट तैयार होने से पहले संसद में जनसंख्या नियंत्रण विधेयक साल 2019 में लाया जा चुका है. इस विधेयक में भी 2 बच्चों को ही सरकारी सुविधाओं का आधार बताया गया है. ऐसे में दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी सेवाओं से लोगों को वंचित किया जाएगा. लोकसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के हवाले से खबरों में बताया जा रहा है कि अगर यह कानून लागू होता है तो देश में 186 सांसद इस कानून के दायरे में आ जाएंगे क्योंकि उनकी 2 से अधिक संताने हैं. इन सांसदों में से वर्तमान में 105 भाजपा सांसद इस कानून के घेरे में आ जाएंगे.

Disclaimer-

उपरोक्त सभी जानकारी गूगल और न्यूज़ से निकला हुआ है तथा इस पर रिसर्च करके इससे लिखा गया है . हर एक मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया गया है. अगर आप को सही जानकारी चाहिए तो आप सरकार की ओफिसिअल साइट्स पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं.

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